Search Bar

banner image

Life Beyond Earth

LIFE BEYOND EARTH 

Hindi Me Jano Sab Kuch

                               

ब्रम्हांड की विशालता 


       ब्रम्हांड हमारी सोच से भी बहुत बड़ा है। ब्रम्हांड या Universe मे अरबों खरबों गैलेक्सीज़ और गैसों के  विशाल बादल हैं। और ऐसे ही अनगिनत तारों और ग्रहों से भरी हुई है हमारी आकाशगंगा जिसे मिल्की वे गैलेक्सी भी कहते हैं। इसकी विशालता को देख कर हर किसी के मन मे यही सवाल उठता है कि क्या ब्रम्हांड में अन्य ग्रहों पर जीवन हो सकता है? या पूरे ब्रम्हांड मे हम अकेले हैं। पढ़िए Hindi Me Jano Sab Kuch में Life Beyond Earth


       कल्पना कीजिए की हम जिस Galaxy में उपस्थित हैं, उसका व्यास एक लाख प्रकाश वर्ष और उसके केंद्र की मोटाई एक हज़ार प्रकाश वर्ष है। एक प्रकाश वर्ष यानि प्रकाश एक वर्ष में जितनी दूरी तय करता है। और प्रकाश की गति आप सब जानते हैं, तीन लाख किलोमीटर प्रति सेकंड अब सोच लीजिए जब एक गैलेक्सी इतनी बड़ी है जिसके बाहरी छोर पर हमारा सौर मंडल है। और ना जाने कितने अरबो खरबों सौर मंडल होंगे इस एक Galaxy में। और ब्रम्हांड ऐसी अनगिनत गलाक्सियों से भरा हुआ है। 



Aliens या परग्रही 



       क्या Universe मे कोई भी ऐसा Planet नही जिसमे पृथ्वी के समान ही जीवन के लिए अनुकूल परिस्थिति मौजूद हो। कल्पना से भी परे इतने विशालकाय ब्रम्हांड मे क्या हम अकेले हैं ? अगर ऐसा है तो क्योंकर बार बार UFO के देखे जाने की खबरें मिलती रहती हैं। क्यूं बार बार कई जगहों पर परग्रहियों या Aliens को देखे जाने के दावे किए जाते रहे हैं। और तो और अब तो यह दावे भी किए जा रहे हैं कि Egypt के विशाल पिरामिड और इनके जैसे ही दुनिया के अलग अलग हिस्सों मे निर्मित मकबरे और मंदिर भी Aliens द्वारा बनाए गए हैं। 

            
          कुछ साइंटिस्ट का तो यह भी मानना है, कि पृथ्वी पर जीवन की शुरूआत ही Aliens के द्वारा की गई है। और समय समय पर पृथ्वी पर आकर हमारा मार्गदर्शन भी करते रहे हैं। नई नई तकनीक भी हमे उनसे ही मिलती रही है।     

          यह कितना सच है ये तो नही पता पर इन बातों की संभावना से एकदम से इंकार भी नही किया जा सकता। आपने भी शायद Discovery Channel पर देखा होगा या किसी किताब या मैगज़ीन मे पढ़ा होगा Egypt के पिरामिड्स मे एवं अन्य मकबरों मे पत्थरों पर खुदाई कर उकेरे गए शिलालेखों मे कई आकृतियां UFO और एलियन्स के समान दिखाई देती हैं। तो क्या हमारे पूर्वजों से एलियन्स मिला करते थे। या हमारे पूर्वज ही एलियन थे जो किसी अन्य ग्रह से आकर यहाॅ बस गए थे। 



Area 51 का रहस्य 



         आपने Area 51 के बारे मे अवश्य सुना होगा। America के Nevada स्थित Area 51 बहुत ही रहस्यमयी क्षेत्र माना जाता है। 

कहा जाता है कि यहां Aliens के दुर्घटनाग्रस्त Aircrafts का अवलोकन किया जाता है। 
कुछ लोगों के अनुसार यहां American Scientists और Aliens संयुक्त रूप से अत्यंत गोपनीय तरीके से अत्याधुनिक  Energy Weapon को डेवेलप कर रहे हैं।
कुछ लोगों का मानना है कि यहां Aliens की मदद से Weather Control के लिए प्रयोग किए जा रहे हैं।
और यह भी माना जा रहा है कि यहां Time Travel और Teleportation Technology Development पर काम किया जा रहा है। 
अगर आपको यह बातें कपोल कल्पना लग रही हैं तो आप Wikipedia पर जा कर Area 51 के बारे मे सर्च कर सकते हैं।



Aliens की शारीरिक बनावट 


            चलिए अगर यह मान लिया जाए कि दूसरे ग्रहों पर भी जीवन है। तो क्या आपने कभी कल्पना की है कि परग्रही कैसे दिखते होंगे। क्या यह ज़रूरी है कि उनके भी हमारी तरह हाथ पैर हों हमारी तरह दिमाग हो हमारी तरह ही सोचने समझने की क्षमता रखते हों। या फिर फिल्मो मे दिखाए जाने वाले Aliens की तरह दिखते हों। 

            परग्रहियों की रूपरेखा और बनावट उस ग्रह की परिस्थतियों के अनुसार भिन्न हो सकती है। जैसे यदि हमारे सोलर सिस्टम मे मौजूद बृहस्पति ग्रह पर जीवन होता और हम इंसान वहां होते तो हमारी बनावट कैसी होती। बृहस्पति पर गुरूत्वाकर्षण बल पृथ्वी के मुकाबले 2.4 गुना ज़यादा है। ऐसे मे यदि आप का वज़न यहां 50 किलोग्राम है तो Jupiter पर आप का वज़न 120 किलोग्राम होगा ज़यादा Gravity की वजह से आपका कद बढ़ नही पाएगा। और इस वजह से पृथ्वी की तुलना मे वहां रहने वाले प्राणी छोटे कद के होंगे। इसी तरह जिस ग्रह मे हवा की डेंसिटी कम होगी तब ऐसे मे किसी भी ध्वनि को सुनने के लिए वहां के प्राणियों  के कान लम्बे होंगे। सूर्य से दूरी के अनुसार उनकी आंखों और त्वचा की बनावट भी अलग होगी। रौशनी कम होगी तब त्वचा उजली सफेद हो सकती है और आंखें ज्यादा बड़ी होंगी ताकि  ज्यादा रोशनी ग्रहण कर सके।

यह तो बस अनुमान है।



ब्रम्हांड में जीवन की अनुकूलता 


            सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि पृथ्वी से परे Universe मे कहीं और जीवन की उपस्थिति के लिए पृथ्वी के समान ही वातावरण का होना आवश्यक होगा? या वहां जीवन किसी नए आयाम मे भी फल फूल रहा होगा। हो सकता है वहां जीवन के लिए आवश्यक शर्तों की परिभाषा पृथ्वी से सर्वथा अलग हो। 

         विषाणु या Virus को जीव और निर्जीव के बीच की कड़ी माना जाता है। विषम परिस्थतियों मे यह निर्जीव हो जाता है और कई सालों तक यूं ही निर्जीव पड़ा रहता है। अनुकूल परिस्थिति आने पर यह पुनः जीवित हो कर अपनी संख्या बढ़ाने लगता है। वैज्ञानिकों का एक समूह यह मानता है कि पृथ्वी तक जीवन के बीज किसी उल्का पिंड द्वारा पहुंचे हो सकते हैं। 
          
           चूंकि Universe निरंतर फैल रहा है लगातार ग्रह उपग्रह और सितारे एक दूसरे के गुरूत्वाकर्षण मे आकर टूट रहे हैं और फिर से गैसों के विषाल बादलों से निर्मित हो रहे हैं। ऐसे मे  किसी दूसरे ग्रह से जिसमे जीवन रहा होगा उस ग्रह का कोई हिस्सा टूट कर कई वर्षों का सफ़र तय कर पृथ्वी तक पहुंचा होगा। फिर वहीं से पृथ्वी पर जीवन की शुरूआत हुई होगी।


Nasa का Mars Mission



           अगर आप Nasa के Mars मिशन की तस्वीरों को देखेंगे तो आप पाएंगे कई तस्वीरों मे साफ नज़र आता है कि कालातीत मे वहां जल की धारा बहती रही होगी। कई तस्वीरों मे पत्थर बिलकुल तराशे हुए लगते हैं। एक तस्वीर मे चट्टान तो बिलकुल Human Face की तरह नज़र आ रही है। जो कि इंटरनेट पर काफी चर्चित भी हुई थी। Nasa के Rover द्वारा ली गई एक तस्वीर मे Worm जैसी आकृति साफ नजर आती है। इन तस्वीरों को देखकर लगता है कि कभी Mars मे भी कोई सभ्यता रही होगी। और किसी घटना की वजह से वहां जीवन समाप्त हो गया होगा। 



Human Face On Mars, Hindi Me Jano Sab Kuch




Aliens का संदेश 


      कई देशों मे सुदूर अंतरिक्ष से आने वाले Radio  सिग्नल को सुनने के लिए बहुत विशालकाय रेडियो डिश एंटिना लगाए गए हैं। जिनके द्वारा आने वाले किसी भी सिग्नल को अत्याधुनिक Computers द्वारा विश्लेषित कर उन सिग्नल मे Aliens द्वारा भेजे गए संभावित संदेशों की खोज की जाती है।
         
        और साथ ही हमारी पृथ्वी की ओर से भी ऐसे ही संदेश लगातार अंतरिक्ष मे भेजे जा रहे हैं। हो सकता है किसी दिन ब्रम्हांड मे मौजूद हमारे समकक्ष या हमसे उन्नत प्रजाति के परग्रहियों द्वारा हमारे भेजे गए संदेशों का जवाब हमे मिल जाए। 

       
  दोस्तों  अगर Life Beyond Earth पर अगर लिखा जाए तो यह विषय भी Universe के समान ही बहुत विषाल होगा। आज Hindi Me Jano Sab Kuch मे बस इतना ही। 
      
दोस्तों इस लेख Life Beyond Earth पर अपनी राय अवश्य दीजिएगा। और अपने बहुमूल्य सुझावों से भी मुझे अवगत कराते रहें। Email - techbook.hindiblog@gmail.com

         

            

            

Life Beyond Earth Life Beyond Earth Reviewed by Anis ulhaque khan on July 27, 2019 Rating: 5

No comments:

Powered by Blogger.